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Wednesday, 22 October 2014

पहली बार धराया डेढ़ दर्जन वारदातों का आरोपी


अररिया : डकैती, लूट एवं हत्या की डेढ़ दर्जन से अधिक जघन्य वारदातों को अंजाम देने वाले कुख्यात अपराधी जोगबनी निवासी मु. सुभान को पुलिस ने जीरोमाईल से गिरफ्तार कर लिया है। इसके पास से एक पिस्टल, दो कारतूस, एक मैगजीन, दो मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड एवं जाली पहचान पत्र भी बरामद किए गए हैं। पहली बार पुलिस गिरफ्त में आए इस अपराधी ने सिर्फ फारबिसगंज में डेढ़ दर्जन से अधिक वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकारी है। दो माह पूर्व बथनाहा पेट्रोल पंप पर कर्मचारी को गोली मारकर लूट की घटना में भी इसने अपनी मुख्य भूमिका स्वीकारी है।
एसपी विजय कुमार वर्मा ने बताया कि फारबिसगंज अनुमंडल में घटीं अधिकांश हालिया घटनाओं में इसी का हाथ है। घटनाओं को अंजाम देने के बाद यह नेपाल भाग जाता था।
मोबाइल फोन की ट्रैकिंग से हुई गिरफ्तारी
बथनाहा पेट्रोल पंप लूटकांड में अपराधियों ने एक लाख दस हजार रुपये के साथ दो मोबाइल फोन भी लूटे थे। कुछ दिनों के बाद सुभान ने लूटा गया मोबाइल फोन जोगबनी में रहने वाली अपनी सास मशीदा खातून को दे दिया। उसकी सास ने जब मोबाइल फोन का प्रयोग शुरू किया तो पुलिस को सिग्नल मिलना शुरू हो गया। पुलिस ने सास एवं दामाद के बीच हो रही बातचीत को ट्रैप करना शुरू कर दिया। इसी क्रम में पुलिस को जानकारी मिली कि सुभान किसी घटना को अंजाम देने के लिए ट्रेन से अररिया आ रहा है। पुलिस ने बिना समय गंवाए उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया। जैसे ही वह जीरोमाईल पहुंचा, पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी में पूर्व एसएचओ मुकेश कुमार साहा, सुनील कुमार सिंह, अरविंद कुमार व पंकज कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई।
किडनी बेचने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार


जोगबनी (अररिया)  : नेपाल के मोरंग जिले में किडनी बेचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को मोरंग पुलिस (नेपाल) ने गिरफ्तार किया है। इस आशय की जानकारी मोरंग की डीएसपी उमा प्रसाद चतुर्वेदी ने देते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र में किडनी बेचने वाले गिरोह सक्रिय है। गिरोह के पकड़े गए सदस्यों में एक महिला व एक पुरुष शामिल हैं।
डीएसपी श्री चतुर्वेदी के अनुसार सुपौल जिले के डोरा गांव निवासी दीपक और सरिता इस गिरोह के सदस्य हैं। इनके द्वारा नेपाल से बच्चों को भारत ले जाते हैं और फिर उसे एक डाक्टर के हाथों बेच डालते हैं। गिरफ्तार महिला व पुरुष ने 20 वर्ष पूर्व नेपाली नागरिकता प्राप्त कर ली है। गिरोह के दोनों सदस्य दुहबी स्थित सोनू स्वीट्स में काम करते हैं। गिरफ्तार सदस्यों ने पुलिस को बताया कि एक दिन अपने गांव सुपौल जाने के क्रम में इनकी मुलाकात ललितग्राम स्टेशन पर विनोद यादव नामक व्यक्ति से हुई। इसके बाद से ये दोनों इस अवैध किडनी व्यापार में संलिप्त है। गत दिनों एक लड़की को ले जाते दीपक को टंकी सुनवारी बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया। डीएसपी ने बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार दोनों आरोपी ने बताया कि इस कारोबार में एक बच्चे की कीमत 50-60 हजार मिलता है। श्री चतुर्वेदी ने बताया कि सीमा क्षेत्र में बढ़ते इस अपराध को लेकर वे सुपौल व अररिया एसपी से संपर्क कर अनुसंधान को आगे बढ़ाया जायेगा। फिलहाल मोरंग पुलिस गिरफ्तार दोनों व्यक्ति गहन पूछताछ में जुटी है।